कथीलेल मरबाक जरूरति,
जे नहि जिनगी भरि ई सोचल ।
व्यर्थ गमाओल से जिनगीके,
तिनकर जिनगी मरले बीतल ।।
तिनकर जिनगी मरले बीतल,
यंत्रक सम से जिनगी काटल ।
यद्यपि स्वास चलल भरि जिनगी,
अर्थक जोड़'मे से पागल ।।
कहथि 'कमल' संकल्प एक क',
जीवन अर्पण करी तहीलेल ।
भ्रम थिक जग, अछि सत्य ईश टा,
सोचू अछि मरबाक कथीलेल!!
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