Kamalji
Thursday, August 13, 2026
बिसबास
बिसबास जड़ि अछि मूलधन,
जीवनक अनमोल ।
प्रेम आ सम्मानके जड़ि,
द' सकत के मोल!!
द' सकत के मोल,
कहियो जँ इ ढहि गेल ।
रहल ने बाँचल कथू,
सर्वस्व चलि गेल ।।
'कमल' राखू ध्यान ईशक,
धरू हुनके आस ।
बिपतिसँ छी तंग कतबो,
ढहय नै बिसबास ।।
Saturday, July 4, 2026
सोचू अछि मरबाक कथीलेल
कथीलेल मरबाक जरूरति,
जे नहि जिनगी भरि ई सोचल ।
व्यर्थ गमाओल से जिनगीके,
तिनकर जिनगी मरले बीतल ।।
तिनकर जिनगी मरले बीतल,
यंत्रक सम से जिनगी काटल ।
यद्यपि स्वास चलल भरि जिनगी,
अर्थक जोड़'मे से पागल ।।
कहथि 'कमल' संकल्प एक क',
जीवन अर्पण करी तहीलेल ।
भ्रम थिक जग, अछि सत्य ईश टा,
सोचू अछि मरबाक कथीलेल!!
Wednesday, May 27, 2026
फोन(स्मार्ट फोन)
भरिदिन हमरे संग बिताबय,
सुंदर-सुंदर रूप देखाबय ।
नेट बिना लागय नहि मोन,
की सखि साजन? नहि सखि फोन ।।
Monday, May 25, 2026
फुफकारब अछि बहुत जरूरी
जँ नहि फुफकारब तँ जगमे,
साधुगणक जीयब नै संभव ।
यद्यपि नै अनुरक्त रहै छथि,
तदपि शरीरक टिकब असंभव ।।
तदपि शरीरक टिकब असंभव,
दुष्ट भरल अछि सकल जगतमे ।
जँ प्रतिकार करब नहि अपने,
जीयब नहि अछि सरल जगतमे ।।
मच्छर जोंक उड़ीसो भागत,
चुप्प-चाप बैसला सँ नहि ।
शांति अहाँके रहि नहि पाओत,
दुष्ट जंतु भगायब जँ नहि ।।
Sunday, May 24, 2026
हस्ती कहिमुकरी(2)
कृष्ण जलधर सदृश हरि नहि,
दीर्घकाय मुदा छी गिरि नहि ।
नाकसँ हम करी मस्ती,
की सखि केशव? नहि सखि हस्ती ।।
Wednesday, May 20, 2026
दर्पण(कहिमुकरी-1)
हमरा दिस जखने क्यो ताकय,
अपनाके हमरेमे पाबय ।
जेहन रहय जे तेहने चित्रण,
की सखि केशव? नहि सखि दर्पण ।।
Saturday, May 2, 2026
मोनक व्यथा धरी मोनेमे
सर्वोत्तम होयतजे मोनक,
पीड़ा राखू मोन ।
मलहम कम्मे लगमे भेटय,
बेसी छीटय नोन ।।
बेसी छीटय नोन,
व्यथा लखि मन मुस्कायत ।
बाजत सगरो जाय,
नगरभरि ढोल बजायत ।।
कह 'कवि' सोचि-बिचारि,
मौन हो सबसँ उत्तम ।
मोनक व्यथा धरी मोने
तँ हो सर्वोत्तम ।।
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