अनके समझाब'मे जिनगी हम्मर बीति गेल,
कतेक गेलै साल, कतेक ई उमर ढलि गेल।
अपन अंतर के कखनो हम टटोललहुँ नै,
कि कहैए मन हम्मर, कखनो ई सोचलहुँ नै।
कतेक गेलै साल, कतेक ई उमर ढलि गेल।
अपन अंतर के कखनो हम टटोललहुँ नै,
कि कहैए मन हम्मर, कखनो ई सोचलहुँ नै।
परक खिड़की झाँकएमे, अपन दुआरि बन्द रहल,
परक रस्ता तकएमे, पैरक नीचाँ गाम बहल।
कहियो अपना दिस घुरि क' हम ताकल नै,
अपन मोनक पीर कखनो हम भाँपल नै।
परक रस्ता तकएमे, पैरक नीचाँ गाम बहल।
कहियो अपना दिस घुरि क' हम ताकल नै,
अपन मोनक पीर कखनो हम भाँपल नै।
समय जखन बीति गेल, हाथ कछु आइल नै,
बच रहल सिर्फ़ याद, आन किछु पाएल नै।
जखन भेल भोर, तखन एकटा ज्ञान भेल,
छूटि गेल जे असल, ओकर आब भान भेल।
बच रहल सिर्फ़ याद, आन किछु पाएल नै।
जखन भेल भोर, तखन एकटा ज्ञान भेल,
छूटि गेल जे असल, ओकर आब भान भेल।
सबसँ जरूरी जे छल, ओ तँ हमही छलहुँ,
परक सोझाँ जिन्गी भरि, मोम जकाँ गनलहुँ।
आब पछता क' की हेतै, जखन समय बीति गेल,
अनके समझाब'मे जिनगी हम्मर बीति गेल।
परक सोझाँ जिन्गी भरि, मोम जकाँ गनलहुँ।
आब पछता क' की हेतै, जखन समय बीति गेल,
अनके समझाब'मे जिनगी हम्मर बीति गेल।