Kamalji
Wednesday, May 20, 2026
दर्पण(कहिमुकरी)
हमरा दिस जखने क्यो ताकय,
अपनाके हमरेमे पाबय ।
जेहन रहय जे तेहने चित्रण,
की सखि केशव? नहि सखि दर्पण ।।
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